यह खबर भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और ग्रीन टेक्नोलॉजी दोनों के लिए ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त 2025 को गुजरात के हंसलपुर प्लांट से Maruti Suzuki e-Vitara को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो भारत का पहला इलेक्ट्रिक वाहन है जिसे सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक्सपोर्ट किया जाएगा। यह सिर्फ एक कार का लॉन्च नहीं है, बल्कि भारत के पारंपरिक ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग से सस्टेनेबल और हाई-टेक इनोवेशन की ओर बड़े बदलाव का प्रतीक है।

Maruti Suzuki और Suzuki Motor Corporation ने अगले पाँच सालों में ₹70,000 करोड़ का निवेश करने का ऐलान किया है, जिसका मकसद भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रिक वाहन प्रोडक्शन का हब बनाना है। The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, यह निवेश नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, बैटरी टेक्नोलॉजी और EV रिसर्च को मजबूत करेगा, जिससे भारत की प्रतिस्पर्धा सीधी टेस्ला, BYD और ह्युंडई जैसी कंपनियों से होगी।
भारत पहले ही 2023-24 में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्टर बन चुका है, और मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही वाहनों का निर्यात 14% बढ़कर 25,28,248 यूनिट्स तक पहुँच चुका है। e-Vitara को 100 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट करने की योजना है, जो यह साबित करता है कि भारत अब सिर्फ “लो-कॉस्ट मैन्युफैक्चरिंग” का हब नहीं रहा, बल्कि हाई-टेक और सस्टेनेबल व्हीकल्स में भी ग्लोबल लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

e-Vitara का लॉन्च भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक माइलस्टोन है क्योंकि यह दिखाता है कि सरकार और कंपनियाँ मिलकर कार्बन न्यूट्रैलिटी और “मेक इन इंडिया, फॉर द वर्ल्ड” विज़न को आगे बढ़ा रही हैं।